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तुम्हारे यादो की शाखाये इतनी है की मेरा सर पीपल का पेढ़ बन गया. रात को उल्लू बन कर उन यादो की शाखाओं में बैठता हूँ ....









तुमने मुझे उल्लू  बना दिया 

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