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  1.  तुमसे बात करते करते राष्ट्रगान बजने लगता है और तुम मुझे छोड कर किसी झुके हुए नारियल के पेढ़ की तरह खड़ी हो जाती हो. तुम्हारे गालों पे झूलते हुए
    पतले सुनहरे बाल भी खड़े हो उठते है .भाव-विहोर हो जाती हो. आखो में चमक आ जाती है. “जन गन मन अधिनायक जय है ” दबे हुए होटो से धीरे धीरे ...बोलती हो तो और भी सुन्दर लगती हो. राष्ट्रगान में रोमंतिसिस्म . . अच्छा लगता है

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