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  1. तुम्हारे गालो पे बना हरी नसों का जाल और होटे पे बनी पतली पतली दारारो के बारे में सोचते हुए मैंने कई बार चावल जलाये है.

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  2. 1 comments (tippni):

    1. Raviratlami said...

      हुँह, एक तुम ही नहीं हो अकेले. मेरे को मिला के, अक्खा दुनिया का नब्बे प्रतिशत चावल तो ऐसेइच जलता होएंगा.